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भाषा की शिक्षा में भी कमजोर मध्यप्रदेश

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वेब डेस्क
वरिष्ठ संवाददाता, भोपाल
📅 30 नवम्बर -0001
🕐 12:00 AM
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भोपाल
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एन.सी.ई.आर.टी. के सर्वेक्षण ने आईना दिखाया सरकार को 26 सितम्बर 2016। भाषा की शिक्षा में मध्यप्रदेश के विद्यार्थियों का स्तर काफी कम है। अंग्रेजी शिक्षा के मामले में 20वें नंबर का राज्य माना गया है वहीं भारतीय भाषा के मामले में मध्यप्रदेश 16वें पायदान पर है। यह दर्पण एन.सी.ई.आर.टी. के सर्वेक्षण ने मध्यप्रदेश को दिखाया है। गणित-विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के मामले में ही नहीं अंग्रेजी और आधुनिक भारतीय भाषा की शिक्षा में म.प्र. के 10वीं कक्षा के विद्यार्थियों का स्तर देश के औसत से न केवल काफी कम है, बल्कि अंग्रेजी शिक्षा के मामले में शहरी विद्यार्थियों में 20वें और ग्रामीण स्टूडेंट्स में 21वें नंबर का राज्य है। जबकि भारतीय भाषा के ज्ञान में ग्रामीण क्षेत्र में 16वें और शहरों में 12वीं पायदान पर है। यह खुलासा एनसीईआरटी के ताजा सर्वे में हुआ है। पंजाब, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, तैलंगाना, ओडि़शा, आंध्रप्रदेश से लेकर आसाम, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर तक उन राज्यों में शुमार हैं, जिनकी स्थिति म.प्र. से बेहतर है। एनसीईआरटी ने 2015 में यह सर्वे देश के सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के चुने हुए 7216 स्कूलों के दो लाख 77 हजार 416 विद्यार्थियों से हर विषय के तीन दफा टेस्ट लेकर किया था। इसके निष्कर्ष अब जारी हुए हैं। सर्वे में हर राज्य के 358 स्कूलों के 45-45 विद्यार्थी शामिल किए गए थे। बिहार और मणिपुर इस सर्वे में शामिल नहीं थे। विद्यार्थियों से कथा नौ और दसवीं के पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल ही पूछे गए थे। सर्वे में स्कूल, परिवेश, विद्यार्थियों का बैकग्राउंड, शिक्षकों की स्थिति आदि सभी पहलुओं को भी शामिल किया गया था। इसमें अधिकतम अंक 450 थे और औसत 250 रखा गया । सर्वे में अंग्रेजी शिक्षा में देश का औसत ग्रामीण क्षेत्र के लिए 244 और शहरी क्षेत्र के स्कूलों में 263 रहा। इस सर्वे में अंग्रेजी के मामले में नगालैंड शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में अव्वल है, जबकि आधुनिक भारतीय भाषा की शिक्षा के मामले में केरल दोनों क्षेत्रों में पहली पायदान पर है। आधुनिक भारतीय भाषा विषय में शहरी क्षेत्र में म.प्र. की स्थिति जम्मू-कश्मीर जैसी है। दोनों ही 13वें नंबर पर हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में म.प्र., हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, तैलंगाना, हिमाचल, आंध्र समेत 15 राज्यों से पीछे 16वें क्रम पर है। - (डॉ. नवीन आनंद जोशी)
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